कहते हैं ना- तन दुरुस्त और मन दुरुस्त। बड़े-बुजुर्ग अक्सर हमें सुबह सैर करने के फायदे गिनाया करते हैं। उनका कहना होता है कि इससे शरीर तो ऊर्जावान रहता ही है साथ ही मन भी खुश रहता है। हालांकि, हम बचपन से यह बात सुनते चले आए हैं। लेकिन, अक्सर इन बातों पर अमल करने से बचते नजर आए हैं। लेकिन, अब वैज्ञानिकों ने तन और मन की सेहत के बीच संबंध को ढूंढ निकाला है।
एक ताजा शोध ने इस बात को पुख्ता कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया में हुआ एक शोध इस बात को प्रमाणित करता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ्य मन का वास होता है। ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग स्कूलों के बच्चों पर किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि सेहतमंद बच्चे पढ़ाई में भी आगे होते हैं। साथ ही गणित की पेचीदा गुत्थियों को सुलझाने में भी उनकी योग्यता अधिक होती है। जर्नल पीडियाट्रिक एक्सरसाइज साइंस के ताजा अंक में प्रकाशित शोध के नतीजे सेहत और दिमाग के बीच के तार को और मजबूती से दिखाते हैं।
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के फिजियोलॉजिस्ट डॉ डिक टेलफोर्ड और उनकी टीम ने 29 स्कूलों के आठ से 12 साल के बच्चों की सेहत और अकादमिक उपलब्धियों का गहराई से अध्ययन किया। डॉ. टेलफोर्ड ने बताया कि जिन बच्चों की सेहत का स्तर ऊंचा है वहां बच्चों की पढ़ाई का स्तर भी उन्नत पाया गया। यहां तक कि सेहत और पढ़ाई के बीच में जितना गहरा संबंध है उसे देखकर शोधकर्ता भी हैरान हुए बिना नहीं रह पाए। टेलफोर्ड के मुताबिक पढ़ाई और सेहत एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
टेलफोर्ड कहते हैं इसलिए शारीरिक सक्रियता वाली गतिविधियों को स्कूल संस्कृति का हिस्सा बनाए जाने की जरूरत है। इससे बच्चों का शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि उनका मानसिक विकास भी अधिक होगा।
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