वैसे तो बच्चों का रोना स्वाभाविक माना जाता है। लेकिन जब बच्चे जरूरत से ज्यादा या फिर बार-बार रोते हैं तो इसका अर्थ है बच्चा अपनी कोई बात कहना चाहता हैं। लेकिन यहां पर हमें यह जानना है कि बच्चे आखिर स्कूल में या स्कूल जाने के नाम पर क्यों रोते हैं।
जब बच्चा किसी एक जगह पर जाने से डरने लगे या वहां जाने से डरने लगे तो स्थिति सामान्य नहीं हो सकती यानी बच्चे का उस जगह पर बहुत ही बुरा अनुभव रहा होगा जिससे बच्चा उस जगह दोबारा जाने से डरता है। लेकिन इसके बावजूद सवाल ये उठता है कि आखिर बच्चे स्कूल में क्यों रोते हैं, वे कौन से कारण है जब बच्चे स्कूल जाने में आना-कानी करते हैं और जोर-जोर से रोने लगते हैं। कई बच्चों का स्कूल ना जाने के लिए रोना स्वाभाविक होता है तो कई बच्चे बिना वजह भी ऐसा करते हैं। आइए जानें उन कारणों को, जिनसे बच्चे स्कूल में रोते हैं।
बच्चों के स्कूल में रोने के कई कारण हो सकते हैं। कई बच्चों को सुबह-सुबह जल्दी उठने या नींद खराब होने से भी रोना आता है जिससे वे स्कूल जाने से कतराने लगते हैं।
- कुछ बच्चे किसी दूसरे बच्चे के कारण स्कूल जाने में आना-कानी करते हैं यानी आपका बच्चा किसी दूसरे बच्चे द्वारा सताया जा रहा है और आपका बच्चा उसका ठीक से मुकाबला नहीं कर पाता।
- कई बार बच्चे स्कूल से माहौल से भागने लगते हैं या फिर बच्चे को स्कूल का माहौल रास नहीं आता तो वे स्कूल जाने से रोने लगते हैं। आपको ऐसी स्थिति में ऐसे फंडे अपनाने चाहिए ताकि बच्चे आपकी सुनें।
- अधिकतर छोटे बच्चे ही स्कूल में रोते हैं, इसका कारण है, वे अपने परिवार को और अपने घर के आसपास के माहौल को याद कर रहे होते हैं जिससे बच्चा थोड़ा असहज होकर रोने लगता है।
- कितनी ही बार बच्चा अपनी टीचर के पसंद ना किए जाने पर भी स्कूल जाने से कतराने लगता है। दरअसल जब बच्चा स्कूल जाने से डरता है तभी वह स्कूल जाते ही रोने लगता है।
- कुछ बच्चे जो कि अन्य बच्चों से बहुत तेज होते है अपनी किसी गलती को छिपाने के लिए या फिर दूसरों का ध्यान अपनी और आकर्षित करने के लिए भी रोना शुरू कर देते हैं।
- कई बार बच्चे को कोई बीमारी या तकलीफ होती है या फिर स्कूल की किसी एक्टिविटी से परेशानी होते हैं लेकिन टीचर के डर से कह नहीं पाते। ऐसे में बच्चे स्कूल जाते ही रोने लगते हैं।
- कुछ बच्चों में आत्मविश्वास की कमी होती है या फिर कई बच्चों में मोटापा होने के कारण उन्हें लोगों की नजरों में आना पसंद नहीं जिससे वे टीचर के किसी भी सवाल का जवाब देने से घबराते हैं, ऐसे में वे टीचर के सामने जाते ही रोने लगते हैं।
- कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो बहुत जिद्दी प्रवृत्ति के होते हैं और किसी की बात सुनने पर भी उन्हें अपनी ही मनमानी करनी होती है, लेकिन जब बच्चों को जबरन वह काम करवाया जाता है जिसको करने में उन्हें मजा नहीं आता तो वे बात-बात पर रोने लगते हैं।
- इसके अलावा भी कई कारण हैं जिससे बच्चे स्कूल में रोने लगते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा ना रोएं तो आपका चाहिए कि अपने बच्चें को उसके व्यवहार, आदत और पसंद-नापसंद को समझें। इससे आपका बच्चा भी खुशी-खुशी स्कूल जाएगा।
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