आप जो चाहते हैं, उसके प्रति ईमानदार रहें। लेकिन परिणाम निकलता है उससे खुद को स्वतंत्र रखें। इस बात को स्पष्ट कर लें कि आपको क्या स्वीकार होगा और क्या स्वीकार नहीं होगा। परिणाम से खुद को स्वतंत्र रखने से आपको चिंता नहीं घेरेगी। ये सब धीरे-धीरे आता है। अगर आपको परिणाम की चिंता ही नहीं रहेगी तो आपको अपने मन की बात कहने से कोई परहेज नहीं होगा।
इन चार चरणों को अपनाएं, और अपनी बात किसी के भी सामने अधिक आत्मविश्वास से रखें। याद रखें, हिम्मतवाला बनना मसल्स बनाने जैसा होता है। जितना आप उस पर मेहनत करेंगे, उसनी मजबूत आपकी मसल्स बनेंगी।
इन चार चरणों को अपनाएं, और अपनी बात किसी के भी सामने अधिक आत्मविश्वास से रखें। याद रखें, हिम्मतवाला बनना मसल्स बनाने जैसा होता है। जितना आप उस पर मेहनत करेंगे, उसनी मजबूत आपकी मसल्स बनेंगी।
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