- डायरिया होने पर डॉक्टर से संपर्क करने में दंर ना करें।
- डायरिया के दौरान शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
- दवाओं से तबीयत में ना सुधार हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।
- दूषित आहार व पानी का सेवन ना करें।
डायरिया होने पर थोड़ी सी सावधानी से इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है। स्वच्छ जल पिएं। ताजा फल व सब्िजयां खायें और फलों और सब्जि़यों को ठीक प्रकार से धोकर ही खायें। यदि डायरिया हो जाए तो रोगी को ओआरएस अथवा नमक, पानी, चीनी का घोल बनाकर दिन में कई बार दें। साथ ही किसी अच्छे डाक्टर से सम्पर्क करें।
लेकिन रास्ते में जूस की दुकान दिखाई दी और गर्मी इतनी थी कि मैंने जूस लेना उचित समझा। लंच के समय तक भूख इतनी लग चुकी थी कि मैंने पास के ढाबे से लंच मंगा लिया। लंच के कुछ ही घंटों बाद मुझे पेट दर्द सताने लगा। छुट्टी लेकर डाक्टर के पास गयी तो पता चला कि मुझे डायरिया हो गया।
यह कहानी है बैंक में कार्यरत निशी वर्मा की। निशी जैसे बहुत से कार्यकर्ता हैं, जो अपने काम में तो आगे निकल जाते हैं, लेकिन अपनी सेहत के साथ लापरवाही कर देते हैं।
एक समय था जब डायरिया जैसी बीमारी को महामारी घोषित कर दिया गया था। हालांकि आज हमारे पास चिकित्सा के बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं लेकिन यह बीमारी आज भी उतनी ही खतरनाक है।
एक समय था जब डायरिया जैसी बीमारी को महामारी घोषित कर दिया गया था। हालांकि आज हमारे पास चिकित्सा के बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं लेकिन यह बीमारी आज भी उतनी ही खतरनाक है।
दिल्ली के राकलैंड अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट डॉक्टर एम पी शर्मा के अनुसार वैसे तो मौसम के बदलने के साथ बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए। खाने से कहीं ज्यादा ध्यान देना चाहिए पानी और तरल पदार्थों पर।
सामान्यत: अच्छी सेहत के लिए जूस लेने की सलाद दी जाती है, लेकिन बरसात के मौसम में सड़क के किनारे के खुले जूस लेना आपकी सेहत के लिए किसी भी मायने में अच्छा नहीं होता। दूषित आहार व पानी के सेवन से होने वाली बीमारियां हैं टायफायड, जांडिस, डायरिया और यहां तक कि अधिक समय तक दूषित आहार या पानी के सेवन से आपकी किडनी भी खराब हो सकती है ।
डाक्टर एम पी शर्मा के अनुसार बाहर का आहार लेने से पहले कुछ बातों पर ध्यान ज़रूर दें :
- आप बाहर का कोई आहर ले रहे हैं तो ध्यान रखें कि वो ठीक प्रकार से पका हो।
- ठंडे पेय पदार्थ जैसे खुले जूस या खुली मिठाइयां बिलकुल ना खायें क्योंकि ऐसे मौसम में मक्खियों के कारण होने वाला संक्रमण भी बढ़ जाता है।
- अगर आप मांसाहारी हैं तो घर पर ठीक प्रकार से बने हुए आहार का ही सेवन करें और बाहर का मांसाहारी आहार बिलकुल ना लें।
- दूषित आहार व पानी से शरीर के रक्त चाप का स्तर भी कम हो जाता है और बुखार भी हो सकता है।
- ताज़ा फल व सब्जि़यां खायें और फलों और सब्जि़यों को ठीक प्रकार से धुलकर ही खायें।
डायरिया के कारण:
डायरिया मुख्यत: बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण के कारण होता है । इसके सामान्य कारण हैं :
- दूषित आहार या पानी का सेवन ।
- कोई ऐसी बीमारी जिससे आंत संक्रमित हो जाये ।
- यह बीमारी बच्चों में ज्यादा होती है। बच्चो में इसका कारण किसी प्रकार का डर और युवाओं में किसी प्रकार का तनाव भी हो सकता है ।
घंटों बाहर रहना, मीटिंग्स और खान–पान। थोड़ा मुश्किल तो है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर दें । आज खाद्य पदार्थों के विकल्प से पूरा बाजा़र भरा पड़ा है। अब अगली बार शायद भूख लगने पर आप इन विकल्पों को याद करेंगे और फिट रहने के यह उपाय अपनायेंगे।
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